Saturday, June 20, 2020

swast santaan k liye nuskhe tips for delivery of healthy baby संतान की उत्त्पत्ति के लिए कुछ जरूरी नुस्खने

swast santaan k liye nuskhe tips for delivery of  healthy baby हिंदी में 

 स्वस्थ संतान की उत्त्पत्ति के लिए कुछ जरूरी नुस्खने

स्वस्थ संतान के लिए नवमास प्रयोग

यहाँ मैं गर्व काल के  लिए जो चिकित्सा क्रम दिया है उसका यथावत पालन करने से  गर्व काल के दौरान न सिर्फ तकलीफों से बचे रहेंगी बल्कि होने वाली संतान  स्वस्थ सुंदर  और  बुद्धिमान होगा |
यह चिकित्सा क्रम महान चिकित्सा ग्रन्थ चरक संहिता के शारीर के  अस्थान में वर्णित है |
अगर सही से पालन किया गया तो न कैल्शियम आयरन की गोली नहीं खानी पड़ेगी |

पहला महीना  | गर्भ के पहले महीने में  उक्त महिला को सवेरे शाम देशी गाय के एक गिलास दूध में मिश्री मिला कर पिने के लिए देना चाहिए  |
calcaria phos 6x की चार गोली दिन भर में तीन बार देनी चाहीये  | इतना धयान रखें की जब भी यह  दवा सेवन करें आधा  घंटा कुछ न खाएं  |

दूसरा महीना : गर्भ काल के दुसरे महीने में १० ग्राम शतावर का महीन चूर्ण तथा मिश्री मिला कर गाय का दूध को खूब औटायें और गुनगुना रहते ही पियें घुट घुट कर के यह सवेरे और रात को करना  है |calcaria phos 6x की चार गोली दिन भर में तीन बार देनी चाहिए |इतना धयान रखें की जब भी यह  दवा सेवन करें आधा  घंटा कुछ न खाएं  |

तीसरा महीना :महीना शुरू होत्ते ही शतावर और मिश्री के बजाये दूध में १ चम्मच गाय का घी और तीन चम्मच शहद मिला कर सवेरे शाम पीना चाहिए इतना धयान रहे की शहद मिलाते समय दूध ठंडा रहना चाहिए | शहद ठन्डे दूध क साथ ही पीना चाहिए | इस  महीने से पाचन अच्छा होना जरूरी है calcaria phos 6x की चार गोली दिन भर में तीन बार देनी चाहिए |इतना धयान रखें की जब भी यह  दवा सेवन करें आधा  घंटा कुछ न खाएं  |जारी रखें  इसको भी |

 चौथा महीना इस महिना में घी के बजाएं लगभग दो चम्मच  मक्खन दूध के साथ सवेरे शाम सेवन करें |  calcaria phos 6x की चार गोली दिन भर में तीन बार देनी चाहिए |इतना धयान रखें की जब भी यह  दवा सेवन करें आधा  घंटा कुछ न खाएं |

पांचवा महीना : इस महिना में सिर्फ दूध और शुद्ध गोघृत का सेवन करें |calcaria phos 6x की चागोली दिन भर में तीन बार देनी चाहिए |इतना धयान रखें की जब भी यह  दवा सेवन करें आधा  घंटा कुछ न खाएं |

छ्ठा महीना  : दुसरे महीना वाला ही प्रयोग करना है |

सातवा महीना : छठे महीने का प्रयोग जारी रखे
|
आठवा महीना : इस महीना में हल्का हल्का और तरल आहार लेना उचित है |घी डालकर दूध दलीया  का सेवन हितकर रहेगा  | इस महीना में कब्ज़ पर ध्यान देना है | इस महीने से बायो केमीक नंबर 26 शुरू करना है ताकि ऑपरेशन की जरूरत नहीं पड़े |

नौवा महीना : बायो केमीक 26  जारी रखें  |


कुछ  अन्य नुस्खे 

गर्भ का पता चलते ही गर्ववती स्त्री को प्रतिदिन नियमित रूप से एक चम्मच मक्खन एक चम्मच मिश्री और आधा चम्मच काली मिर्च को एक में मिला कर सबेरे खली पेट खिलाना चाहिए | इसके ऊपर से  गर्ववती स्त्री को कच्चे नारियल की गिरी के कुछ टुकड़े चबा  चबा कर खाना चाहिए |खाने के बाद थोड़े सौंफ के चबाने से  पाचन की क्रिया ठीक रहती बल्कि अगर एक गिलास दूध पिया जाए साथ में तो इससे बच्चे न सिर्फ सुडौल और स्वास्थ और गौर वर्ण का होता है |
कुछ  चीज़ जो निचे दिए गए  हैं वो  जयादा से जयादा कोशिश करना चाहिए खाना में शामिल करें |


  • ताजा मीठा दही 
  • दूध चावल की खीर   
  • कच्चा नारियल केला तथा घी  |


इन प्रयोगों के अलावा गर्ववती स्त्री को पुरे गर्भ काल में  प्रसांचित रहना चाहिए | मधुर ब्यवहार करना चाहिए |माँ के मानसिक भवनावों का गर्भस्थ शिशु पर गहरा प्रभाव पड़ता है | प्राचीन भारतीय ऋषि मुनि की इस मान्यता को अब आधुनिक बैज्ञानिक  भी प्रमाणिक करने लगे हैं ऐसे में गर्भवती स्त्री को अनाप सनाप टीवी सीरियल फिल्मों से दूर रहना चाहिए |


www.drmayankmadhu.com



ज्यादा से जयादा फलों का सेवन करना चाहिए मांसाहार से बचने की कोशिस कीजिये नए जनरेशन के माताएं  तम्बाकू सिगरेट को  हाथ न लगाये तो ही अच्छा है क्यूँ की आज के समय इससे बाँझपन और गर्भ का गिर जाना इसका कारण बन गया है |


Monday, June 8, 2020

( पित्त की पत्थरी ) पत्थरी को कैसे गलाएँ | GALLSTONE KO KAISE GLAYEN

( पित्त की पत्थरी )  पत्थरी को कैसे गलाएँ |



गाल ब्लैडर में पथरी बनना एक भयंकर पीड़ा दायक रोग है| इसे ही पित्त पथरी कहते हैं | पित्ताशय  में दो तरह की पत्थरी बनती है | प्रथम कोलेस्ट्रोल निर्मित पत्थरी और दूसरी पिगमेंट से बन्नने वाली  पत्थरी |
ध्यान देने योग्य है की 80% पत्थरी कोलेस्ट्रोल तत्वा से बनी रहती है |
वैसे तो यह रोग किसी को भी किसि आयु में हो सकती है लेकिन महिलाओं में इस रोग क होने की संभवाना पुरुषो की तुलना में दोगुना हुआ करती है |
पित्त लीवर में बनता है और इसका भण्डारण गाल ब्लैडर में होता है यह पित्त वसा युक्त भोजन को पचाने  में मदद करता है | जब इस पित्त में कोलेस्ट्रोल और बिलीरुबिन की मात्र जादा होती है तो पत्थरी निर्माण के लिए उपयुक्त इस्थिति बन जाती है | प्रेगनेंसी ,मोटापा ,मधुमेह अधिक बैठने रहने की जीवन शैली  तेल घी की अधिकता वाले भोजन और शारीर में खून की कामी से पित्त पत्थरी की संभावना बढ़ जाती है | दो या दो से अधिक बच्चो की माताओं में भी इस रोग की प्रबलता देखि जा सकती है |

अब निचे कुछ घरेलु उपचार और होम्योपैथी द्वारा उपचार प्रस्तुत कर रहा हूँ जिनका उपयोग करने से इस भयंकर रोग से होने वाले पीड़ा में राहत मिल जाती है, और निर्दिष्ट अवधी तक इलाज जारी रखने पर रोग से मुक्ति मिल जाती है |

गाजर और ककड़ी का रस प्रत्येक से 100 ml  की मात्र में मिला कर दिन में दो बार  पीयें |अत्यंत लाभदायक उपाय है |
निम्बू का रस 50 ml की मात्र में सुअभ खाली पेट पीयें |यह कुछ  सप्ताह तक जारी रखना उचित रहेगा |

सूरजमुखी या जैतून का तेल शुद्ध  30mlखली पेट पियें |इससे तत्काल बाद १२० ml अंगूर का रस  या निम्बू का रस पीयें | यह इलाज कुछ हफ्ते तक जारी रखे से अच्छे परिणाम मिलेंगे |

नाशपाती का फल खूब खाएं | इसमें पाए जाने वालें रासायनिक तत्वा से पित्तासय के रोग दूर होते हैं |

विटामिन सी  यानी एस्कॉर्बिक एसिड क प्रयोग से शारीर का इम्यून सिस्टम मजबूत बनत है | यह कोलेस्ट्रोल को पित्त में बदल देता है |

पित्त पत्थरी रोगी भोजन में प्रचुर मात्र में  हरी सब्जीयां और फल शामिल करें ये कोलेस्ट्रोल रहित पदार्थ है |


तली , गली  , मांस , मसाले दार चीजों का परहेज जरूरी है |

शराब ,  चाय , कॉफ़ी और शक्करयुक्त पेय हानिकारक है |

ज्यादा भोजन ना करें वरना कोलेस्ट्रोल का निर्माण होगा जो हानिकारक है |


उक्त उपचार अपनाकर गाल ब्लैडर की 2-3  मी मी की  साइज़ तक की पत्थरी से मुक्ति मिल जाती है |

अगर १० मी मी से ज्बयादा बड़ा पत्थरी है तो ऑपरेशन करवाने की सलाह देना चाहिए  क्यूँ की ज्यादा दिन  छोड़ देने पर यह गाल ब्लैडर के कैंसर का रूप ले सकता है |



पित्त की पत्थरी में होमियोपैथी दावा काफी कारगर होती है खास कर दर्द जब होता है या गैस  ज्यादा बन्ने लगता है तो लक्षण क हिसाब से अगर इसका प्रयोग करते  हैं  तो बहुत लाभ देता है |

 पढ़ें
natrum sulph 6x  :
calcaria  carb 
lycopodium   अगर गैस बन रहा तो २ -२ बूँद १-१ घंटा पर २०० पावर की 
china  अगर गैस बन रहा तो २ -२ बूँद १-१ घंटा पर २०० पावर की 
silicea
cal phos 


कोलेस्ट्रोल कम करने के लिए आप
cardus Q + carica papaya Q + cheonathus Q+ hydrstis Q को बराबर मात्र में मिला कर दिन में तीन बार पानी में १० बूँद डाल कर पियें  बहुत लाभ मिलेगा

HL COMAPANY की कालमेघ ड्रॉप्स जिसका  बहुत अच्छा असर होता आप उसको १० बूँद ३ बार खाने के बाद  पीयें  |






Wednesday, June 3, 2020

संभल जाना है डेंगू नहीं होने देना है कोरोना के समय DONT LET DENGU TO PROPAGATE DURING CORONA VIRUS

DONT LET DENGU TO PROPAGATE DURING CORONA VIRUS


सावधान !!!!!!
डेंगू का समय नजदीक है और कोरोना का प्रकोप भी बढ़ रहा है लगातार | क्या होगा जब डेंगू और कोरोना दोनों का मेल हो जायेगा |

CORONA AND DENGU DIFFERENCE

आईये देखे डेंगू के लक्षण

 The mosquito name Aedes aegypti is  responsible for, dengu fever is caused by this female mosquito.  Dengue fever causes a high fever  104 F degrees and at least two of the following symptoms: 
  1.  Headache Muscle, bone and joint pain
  2.  Nausea Vomiting Pain behind the 
  3. eyes Swollen gland
  4.  Rash



Signs and symptoms of dengue hemorrhagic fever or severe dengue  a life-threatening emergency  include 
:Severe abdomina pain 

  1.  pain Persistent vomiting
  1. Bleeding from your gums or nose
  2. Blood in your urine, stools or vomit
  3. Bleeding under the skin, which might look like bruising
  4. Difficult or rapid breathing
  5. Cold or clammy skin (shock)
  6. Fatigue
  7. Irritability or restlessness
we have dengu  vaccine  Dengvaxia, but it is not so effective to due to its age limit from 9 to 16 years of age.


corona  sign and symptoms  
Signs and symptoms of corona virus disease 2019 (COVID-19) may appear two to 14 days after exposure. This time after exposure and before having symptoms is called the incubation period

Common signs and symptoms are following 
  1. Fever
  2. Cough
  3. Tiredness

Other symptoms are :
  1. Shortness of breath or difficulty  in breathingMuscular  ache

  1. Chills
  2. Sore  throat
  3. Loss of taste or smell 
  4. Headache
  5. Chest pain

अब आप गौर से देखिये बिमारी क सुरुआत के लक्षण काफी मिलते जुलते दिखेंगे 
तो अगर हो जाए तो आपको निश्चित ही परेशानी में डाल देगा 



डेंगू के जो जाच मौजूद हैं उसकी भी सटीकता 70-80 प्रतिशत ही है और कोरोना का भी यही प्रतिशत  तो बचे 30 %  तो वहां रोगी और डॉक्टर थोडा उलझ सकते हैं समय रहते डेंगू से बचाओ कीजिये जैसे कोरोना से कर रहे 
मास्क तो लगाना ही है इम्युनिटी बूस्ट करना ही है समय समय पर हाथ साफ़ करना 2 गज दूरी बनाये रखना है |

डेंगू में लार्वा को पनपने नहीं देना है अपने आस पास पानी जमा होने वाले जगह पर धयान रखना है |
कुछ दिनों में मानसून आने वाला है तो आप अतिरिक्त सावधानी बरतिए | सरकार को भी धयान देना होगा क्यूंकि हमारे आप अन्साधन सिमित हैं और एक्यूट बिमारी का बोझ नही झेल सकता इस लिए समय समय पर जागरूकता अभियान चला कर और आप हम भी इस खतरे को समझ कर अपना ध्यान रहे |

ये देखा जा रहा की आम जनता जो मास्क लगा के बराबर हाथ धोने और दो गज दूरी रखने से छोटे मोटे बीमारियों से  मुक्त हुए हैं इसको आप अपने दैनिक जीवन या हमेशा ही पालन करते हैं तो आप कई बीमारयों से बचे भी रहेंगे और डॉक्टर या चिकित्सा में लगने वाला आपका पैसा बचेगा |

ये भी पढ़ें      कोरोना वायरस !! क्या करे?  कैसे बचे?

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